विंडोज XP  (windows xp ) के मूल तत्व

परिचय (Introduction) [ Windows XP ]
आपके सबके घर में खिड़कियाँ अवश्य होगी जिनसे आप बाहरी जगत को दिन रात बदलते हुए देखते है।
          उसी तरह कम्प्यूटर की विंडोज हमे कम्प्यूटर के भीतरी जगत को देखने की और उसके द्वारा होने वाले कार्यों की जैसे पत्र लिखना, गेम खेलना, चित्र बनाना, फिल्म देखना, इंटरनेट आदि की सुविधा प्रदान करती है।
Windows XP एक डेस्कटॉप ऑपरेटिंग सिस्टम (प्रणाली) है, और ये विंडोज 4.0 ऑपरेटिंग सिस्टम के परिवार से है।
विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम असल में एक प्रोग्राम है जो कि उपयोगकर्ता और कम्प्यूटर हार्डवेयर के बीच माध्यम का काम करता है और सभी तरह के प्रोग्रामों का नियंत्रण और संचालन करता है।
   विंडोज XP एक 32-बिट प्रोसेसिंग ऑपरेटिंग सिस्टम है जो इंटरनेट के साथ काम करने में सहायक है।

ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है? [What is an Operating System ,what is OS ]

ऑपरेटिंग सिस्टम प्रोग्रामों का समूह है जिससे कम्प्यूटर के सभी resources और कार्यों का प्रबंधन किया जाता है।
ऑपरेटिंग सिस्टम कम्प्यूटर में स्टोर सभी प्रोग्राम, एप्लीकेशन और दूसरे सिस्टम सॉफ्टवेयर का नियंत्रण और execution को देखने का कार्य करता है।
ये यूजर और कम्प्यूटर के बीच माध्यम का कार्य करता है जैसे कि चित्र  में दिखाया गया है।
टिप्पणी: ऑपरेटिंग सिस्टम एक ऐसा प्रोग्राम है जो कि यूजर और कम्प्यूटर हार के बीच Interface (माध्यम) का कार्य करता है और कम्प्यूटर के सभी तरह के क्रियाकलापों को नियंत्रित करता है।

ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्य [Functions of Operating Systems]

ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्य हैं:

1.मेमोरी प्रबंधन (Memory Management)

(i) ये मुख्य मेमोरी का हिसाब रखता है जैसे कि मेमोरी का कौन-सा हिस्सा किसके द्वारा उपयोग किया गया, कौन-सा भाग इस्तेमाल में नहीं है इत्यादि
(ii) मल्टीप्रोग्रामिंग में यह निर्णय लेता है कि कब किसी प्रोसेस को मेमोरी मिलेगी और कितनी मिलेगी।
(iii) मेमोरी को प्रोग्राम या प्रोसेस के कहने (Request) पर  (allocate) करना ।
(iv) जब प्रोसेस को मेमोरी की जरूरत न हो या मेमोरी खत्म हो जाए तो मेमोरी का आबंटन रद (Deallocate) करना।

2.प्रोसेसर प्रबंधन (Processor Management)

(i) प्रोसेसर का हिसाब रखना और प्रोसेस कि स्थिति का हिसाब रखना। जो प्रोग्राम ये कार्य करता है, उसे ट्रैफिक कंट्रोलर कहते है।
(ii) मल्टीप्रोगेमिंग में किस प्रोसेस या प्रोग्राम को कब और कितने समय के लिए प्रोसेसर मिलेगा, ये निर्णय भी यही करता है। इस कार्य को Process Scheduling कहते हैं।
 (iii) प्रोसेसर (CPU) को प्रोसेस के लिए आबंटित करना
(iv) प्रोसेसर की आवश्यकता न होने पर आवंटन रद्द करना।

3.डिवाइस प्रबंधन (Device Management)

(i) सभी उपकरणों (Devices) का हिसाब रखना इसे VO कंट्रोलर कहते है।
(ii) किस प्रोसेस को उपकरण कब और कितने समय के लिए मिलेगा, इसका निर्णय करना।
(iii) उपकरण को बढ़िया तरीके से आवंटित करना।
(iv) उपकरणों का आवंटन रद्द करना।

4.फाईल प्रबंधन (File Management)

(i) फाईल का, इसकी जगह, इस्तेमाल और स्थिति इत्यादि का हिसाब रखना।
(ii) किसे Resourses मिलेगा, इसका निर्णय करना।
(iii) Resourses का आवंटन।
(iv) Resourses का आवंटन रद्द करना

5. सुरक्षा (Security)

पासवर्ड या इसी तरह की दूसरी तकनीक से प्रोग्राम और डाटा के अवांछित एक्सेस (access) को रोकना।

6.सिस्टम कार्यकुशलता पर नियंत्रण (Control over system performance)÷

किसी विशिष्ट (particular) कार्य की Request और उसके Response में देरी के समय को रिकार्ड करना।

7.जॉब अकाऊंटिंग (Job Accounting)

समय और Resourses का हिसाब जो कि विभिन्न जॉब के लिए या उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रयोग किए गए हो।

8.आपरेटर के बीच संप्रेषण (Interaction with the operators)

ऑपरेटिंग सिस्टम Console (कंसोल) व आपरेटर के बीच संदेशों को स्क्रीन पर डिस्पले (Display) कर संप्रेषण (Interaction) बनाता है।

9.ऐरर-डिटेक्टिंग एड्स (Error-detecting aids )

ऑपरेटिंग सिस्टम गलती के लिए मैसेज और दूसरी debugging और गलती को पहचानने वाली चीजों का उत्पादन (production) करता है।

10.दूसरे सॉफ्टवेयर और उपयोगकर्ताओं में संतुलन (Coordination between other softwares and users)

Compilers, interpretiers, assemblers और दूसरे सॉफ्टवेयर जोकि कम्प्यूटर सिस्टम के विभिन्न यूजरों द्वारा प्रयोग किए जाए, के बीच संतुलन और इनका आवंटन करना ।

विंडोज इंटरफेस [Windows as an Interface]

परिभाषा: (User Interface)

यह माध्यम जिसके द्वारा हम कम्प्यूटर से संपर्क स्थापित करते है, यूजर इंटरफेस कहलाता है।
ये दो प्रकार के होते हैं:

1.करेक्टर यूजर इंटरफेस (Character User Interface )

CUI में यूजर टेक्स्ट की सहायता से कम्प्यूटर से संपर्क करते हैं। उदाहरण, DOS. इस तरह के इंटरफेस मे निर्देश को टाईप करना पड़ता है ताकि आप मनोवांछित कार्य कर सके।
इसमें यूजर को सही syntax, प्रत्येक निर्देश का याद रखना पड़ता है।

2. ग्राफिकल यूजर इंटरफेस (Graphical User Interface)

GUI ये यूजर ग्राफिक (objects) की सहायता से कम्प्यूटर से संपर्क करते है।
     उदाहरण, माइक्रोसाफ्ट विंडोज इस तरह के इंटरफेस में यूजर स्क्रीन पर उपलब्ध चित्र या आईकन को चुनकर अपना कार्य करते हैं। इसमें पूरा और सही syntax (निर्देश का) याद करने की जरूरत नही है।

GUI के लाभ [Advantage of GUI]

1. यूजर-फरेन्डली (User Friendly).
2.याद और प्रयोग करने से आसानी।
3.विकास और सीखने मे कम समय लगना।
4. टाइपिंग की गलती न होना।
5.मनोवांछित कार्य करने के लिए सही syntax याद रखने की जरूरत नहीं।
6.समानता होने के कारण नई application को सीखना आसान यूजर दूसरी application को जल्दी सीख सकता है क्योंकि वह माहौल से परिचित होता है।
7.GUI में लचीलापन है यानि एक application के प्रयोग करने के काफी तरीके है।
8.GUI मे डाटा अदला-बदली (exchange) के गुण है जैसे कि Dynamic Data Exchange (DDE) जिसमे डाटा को स्प्रेडशीट, वर्ड प्रोसेसर, डेस्कटॉप पब्लिशिंग प्रोगाम इत्यादि से लाया या भेजा जा सकता है।
9.GUI का आखिरी लाभ यह है कि प्रिंट करने के पहले, आप अपना अंतिम परिणाम (Product) देख सकते है जो आप स्क्रीन पर देखते हैं, वही आपको प्रिंट करने पर मिलता है (i.e. WYSIWYG).

GUI की हानि [Disadvantage of GUI]

1. महंगा
2.प्वाइटिंग उपकरण जैसे माउस की जरूरत।
3. ज्यादा मेमोरी।
4. स्क्रीन रिफ्रेश (Refresh) धीमा है।

 विंडोज के मूलतत्व (Basics of Windows xp)

माइक्रोसॉफ्ट विंडोज विश्व में सबसे प्रसिद्ध आपरेटिंग सिस्टम है। माईक्रोसॉफ्ट विंडोज का पहला वर्जन (version) 1983 में प्रचलन में आया।
वर्जन 1.0 हम ग्राफिक यूजर इंटरफेस (GUI) का प्रयोग करते थे जिसे हमे आज भी प्रयोग करते हैं।

टिप्पणी: window xp  के वर्जन है।

(i) Windows 1.0
(ii) Windows 2.0
(iii) Windows 3.1 
(iv) Windows 3.11
(v) Windows NT3.1 
(vi) Windows NT workstation 3.5 1
(vii) Windows 95 
(viii) Windows NT workstation 0 
(ix) Windows 98
(x) Windows Millennium Edition
(xi) Windowsw 2000 
(xii) Windows XP
(xiii) Windows Vista
(xiv) Windows 2007
Windows XP. (“XP stands for experience),
25 अक्टूबर 2001 को प्रचलन में आया। Windows XP के दो edition है।

(a) विंडोज XP प्रोफेशनल (Windows XP Professional) 

यह व्यवसायिक डेस्कटॉप यूजर के लिए डिजाईन किया गया है। यह कम्प्यूटर को विश्वसनीयता, सुरक्षा और योग्यता प्रदान करता है।
यह fresh visual design, और advanced networking features प्रदान करता है। इसमें मोबाईल यूजर के लिए Wireless 802.1 Support की सुविधा होती है।

(b) विडोज XP Home Edition (Windows XP Home Edition)

यह घर के डेस्कटॉप यूजर के लिए डिजाईन किया गया है। यह एक साफ और सरल Visual Design प्रदान करता है
     यह गृह प्रकाशन (Home Edition), Network Setup Wizard, Windows Media Player, (Windows Movie Maker और Digital Photo के लिए योग्य होता है।

विंडोज XP की विशेषताएँ [Features of Windows XP]

विंडोज XP की मुख्य विशेषताएँ है

1. ग्राफिक यूजर इंटरफेस (Graphical User Interface)

2. 32 बिट प्रोसेसिंग (32-bit processing) :

windows XP एक 32-bit processing operating system है। जो इंटरनेट के साथ काम करने में सहायक है।

3.मल्टीटाकिंग (Multitasking)

यह एक ही समय में कई प्रोगाम (Multiple programs) चला (Run) सकता है।

4.प्लग और प्ले (Plug and Play):

प्लग और प्ले विकल्प से कम्प्यूटर किसी भी नये हार्डवेयर को पहचानकर, कम्यूटर से जोड़ (Install) लेता है।

5.नेटवर्किंग योग्यता (Networking Capabilities):

इसमें सम्पूर्ण रूप से Networking capabilities है।

6. विभिन्न यूजर को व्यवस्थित करना (Manage Multiple User) :

यह विभिन्न यूजरो को विभिन्न प्रकार से एक ही कम्प्यूटर पर व्यवस्थित कर सकता है।

7.मल्टीमीडिया सपोर्ट (Multimedia Support) :

Windows XP में सम्मिलित Windows media player आपको लगभग सभी तरह की Multimedia फाईल चला (Play) कर दिखाता है।
ओडियो, वीडियो और ब्रॉडबैण्ड का आनन्द लेने का यह सबसे बढ़िया सॉफ्टवेयर है।

8.विंडोज सुरक्षा केन्द्र (Windows Security Center):

यह यूजर को कम्प्यूटर के लिए सुरक्षा व्यवस्था (Security Setting) को आसानी से परिभाषित और व्यवस्थित (Define and Manage) करता है।

9.फाईल सामूहिकरण (File Grouping) :

विंडोज XP की Intelligent Taskbar स्वयं ही एक एप्लीकेशन की विभिन्न विंडोज को सामूहिक करके टॉस्कबार पर दिखाता है।

10. यूजर वातावरण को ग्रहण करना (Adaptive User Environment):

पुन: डिजाईन (Redesigned) किया गया स्टार्ट मेन्यु (Start Menu) सामान्य प्रयोग की जानी वाली items को पहले दिखाता है।

11.डिवाईस ड्राईवर को जांचना (Enhanced Device Driver Verifier):

यह डिवाइस ड्राईवर को Test करता है और अगर यह सभी स्तर से गुजर (passes) जाता है, तो इसे स्थापित (Install) करता है।

12. विंडोज फायरवेल (Windows Firewall):

Firewall आपके कम्प्यूटर को वायरस (Virus) से बचाता है।

13.रिमोट डेस्कटॉप (Remote Desktop) :

रिमोट डेस्कटॉप (Remote desktop) यूजर को नेटवर्क के द्वारा अपने कार्यालय (office) में किसी अन्य कम्प्यूटर पर बैठे होने पर भी अपने कम्प्यूटर के डेस्कटॉप पर काम करने में सहायता करता है।

14.डिस्क मैनेजर उपयोगिता (Disk Manager Utility)

यह ज्यादातर डिस्क को विभाजित  (Partition) और फार्मेट (Format) करने में सहायक है।

15.डिस्क डीफरेगमेन्टर उपयोगिता (Disk Defragmenter Utility) :

यह विशेषता डिस्क के विषय (contents) को Relocate करता है। ताकि डिस्क में खाली क्षेत्र (free area) का निमार्ण किया जा सके और खराब मेमोरी (Wastage Memory) को कम (Reduce) किया जा सके।
16. डिस्क कम्प्रेशन उपयोगिता (Disk Compression Utility)
यह स्थिर (Fixed) और परिवर्तनशील (Removable) डिस्क को इकट्ठा (Compress) करता है और डिस्क की स्टोरेज (Storage) क्षमता को बढ़ाता (Increase) है।
17.सपोर्ट वर्चुअल मेमोरी (Support Virtual Memory): Virtual Memory की सैटिंग (Setting) स्वयं या Manual Set की जा सकती है।
18. फिल्मस्ट्रीप व्यू (Filmstrip View): Filmstrip व्यू Image File को बढ़िया और किफायती (Efficient) तरीके से देखने (View) में मदद करता है।
19. ऑब्जेक्ट लिंकिंग और एम्बैन्डिन्ग (ओ.एल.ई) (Object Linking and Embedding (OLE):: ये एक प्रोग्राम का दूसरे प्रोगाम से लिंक (Link) बनाता है।
20. एटैचमेन्ट मैनेजर (Attachment Manager): XP की यह विशेषता स्वयं ही Opening प्रक्रिया के दौरान असुरक्षित Attachment को अलग कर देता है।

डेस्कटॉप (Desktop)

जब आप कम्प्यूटर को switch on करते है तो Windows XP मुख्य मेमोरी में भेजी (Load) जाती है।
इसके द्वारा आप एक बड़े क्षेत्र (Large Area) को बहुत सारे छोटे चित्रों के साथ आप स्क्रीन पर देख सकते है। इस बड़े क्षेत्र (Large Area) को डेस्कटॉप कहा जाता है।
डेस्कटॉप पर ये छोटे-छोटे चित्रों को Icons कहते हैं। प्रत्येक lcon एक वस्तु (object) को दर्शाता है जैसे फोल्डर या प्रोग्राम
टिप्पणी: Icon एक छोटा ग्राफिक है जो एक एप्लीकेशन को दर्शाता है।
डेस्कटॉप पर lcon के अलावा, आप एक टॉस्क बार और स्टार्ट बटन (Start Button) को स्क्रीन के निचले हिस्से (bottom) पर देख सकते है।
डेस्कटॉप पर कुछ lcons स्थायी (Permanent होते हैं जैसे माई कम्प्यूटर (My computer).
 रिसाइकिल बिन (Recycle Bin), माई डॉक्यू.Jocurnent) आदि और वहां पर कुछ वैकल्पिक (optional) Icons होते है जो यूजरो के द्वारा अपनी जरूरतों के हिसाब से बनाये जाते हैं।

1.माई कम्प्यूटर (My Computer)

माई कम्प्यूटर, कम्प्यूटर पर प्रत्येक वस्तु को जल्दी और आसानी से देखने में प्रयोग होता है।
डेस्कटॉप पर माई कम्प्यूटर (My Computer) Icon click करके, अपनी फाईल और फोल्डर देख सकते हैं।
माई कम्प्यूटर आपकी डिस्क ड्राईव और सामान्य विंडोज उपयोगिता Icon, दिखाता है। जिसमे कन्ट्रोल पेनल भी शामिल है।
टिप्पणी: माई कम्प्यूटर Icon के कार्य है।
1.विभिन्न हिस्क जैसे हाई हिक. सी.डी. डी.पी.डी आदि के विषयों को ब्राउज करना।
2.फाईल और फोल्डर का निर्माण, सेव और Move करना।
3. किसी विशेष एप्लीकेशन को Run करना।
4.Tasks or schedule बनाना।
5.एक डायल अप अकाउंट सेट करना।

 रिसाइकिल बिन (Recycle Bin)

रिसाइकिल बिन घर में प्रयोग होने वाले कूड़ादान (Dustbin) की तरह होता है। जिस प्रकार कोई भी चीज़ जो बेकार और अनावश्यक है उसे कूड़ादान (Dustbin) मे डाल देते है।
उसी प्रकार जब कोई डाटा या एक रिकार्ड जिसकी हमे जरूरत नहीं होती उसे आप Delete command देते है और परिणामस्वरूप विंडोज उसे रिसाइकिल बिन में पहुंचा देती है।
रिसाईकिल बिन में डाटा को (Restore) करने की एक ऐसी facility होती है। जिससे की वह डाटा को वापस उसकी पहले वाली जगह पर पहुंचा दे रिसाइकिल बिन में डाटा को उसकी पहले वाली जगह में पहुंचाने की सुविधा होती है।
टिप्पणी: रिसाइकिल बिन आपके घर में रखे दान की तरह होता है। यह सभी Delete कि गई फाईल और फोल्डर को संग्रहित (Stored) करता है।
 सभी Item को उसकी पहले वाली जगह पर पहुंचाने के लिए Restore all items को click करना पड़ता है।
सभी items को स्थायी (Permanently) रूप से Delete करने के Empty the Recycle Bin को click करना पड़ता है।
इसके बाद आप किसी फाईल को दूबारा पहले वाली जगह पर नहीं पहुंचा सकते।
आप एक विशेष (Specific) फाईल को भी Delete या पहले वाली जगह पर पहुंचा सकते हो।
एक फाईल को दूबारा पहले वाली जगह पर पहुंचाने के लिए मास्स को इस फाईल पर click करो और विंडोज के बायें Pane पर Restore this item पर click करो फाईल Delete करने के लिये:
(a) Click करके इसका चुनाव करो।
(b) फाईल मेन्यू में Delete विकल्प पर click करो।

3.माई डॉक्यूमेंट (My Documents)

ये फोल्डर उन सभी फाईल को रखता है जिन्हें आपने बनाया है और इसमें सेव किया है। आप इन फाईलों को प्रोगाम से अलग भी खोल सकते है। इनसे संबंधित प्रोग्राम अपने आप खुल जाएगा।
यह MS-Office और अन्य यूजर फाईल के लिए एक स्थान है। इसका मतलब यदि आपको फाईल संग्रहण (Storing) के दौरान Specify Path नही मिलता, तो वह स्वयं ही माई डॉक्यूमेंट फोल्डर में Store हो जाएगी।

4.इंटरनेट एक्सप्लोरर (Internet Explorer)

इंटरनेट एक्सप्लोरर एक वेब ब्राउजर है। वेब ब्राउजर एक सॉफ्टवेयर है जो वेब साईट को देखने के लिए प्रयोग किया जाता है।
यह यूजर और वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) के बीच एक Interface की तरह कार्य करता है। इंटरनेट एक्सप्लोरर का Icon इस तरह दिखता है ।
इंटरनेट को सर्फ (Surf) करना जरूरी है। इंटरनेट से कोई सूचना लेने के लिए यूजर को जरुरत है:
(a) इंटरनेट एक्सप्लोरर विंडोज को खोलने के लिए, इंटरनेट एक्सप्लोरर Icon पर डबल Click करो। जैसा कि चित्र  में दर्शाया गया है।
(b) इच्छित वेब साईट का पता (Address) इंटरनेट एक्सप्लोरर विंडो की Address Bar में डाले और Enter Key दबाए।

5.नेटवर्क नेबरहुड (Network Neighbourhood)

यदि आप नेटवर्क इस्तेमाल कर रहे हो तो आपके डेस्कटॉप पर एक नेटवर्क नेबरहुड Icon दिखाई देगा।
ब्राउज करने के लिए इसे अपने Workgroup (कार्य समूह) के कम्प्यूटर और अपने सम्पूर्ण नेटवर्क पर स्थित कम्प्यूटर के माध्यम से Click करो।
आप यूजर की authorization के अनुसार नेटवर्क पर किसी भी कम्प्यूटर को देख सकते हो।

 स्टार्ट बटन [The Start Button]

स्टार्ट बटन विंडोज ज्यादा से ज्यादा प्रोग्राम को खोलने के लिए सहायक होता है। यह हमेशा ही स्क्रीन के निचले बायें हिस्से में टॉस्कबार के साथ स्थित होता है और जब विंडोज चलती है।
यह हमेशा दिखाई देता है। इसे Click करने पर विकल्पों की एक सूची दिखाई देती है जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है।
Note:
The Start menu gives you quick access to almost all areas of your computer.
From there, you can access personal folders, install hardware drivers, access all the applications, get help and support, and even shut down the computer.

स्टार्ट मेन्यु के अन्दर निम्नलिखित विकल्प आते है

1. सभी प्रोग्राम (All Program):

यह विकल्प कम्प्यूटर में स्थापित (Install) सभी एप्लीकेशन को access करने में काम आता है।

2.ज्यादा प्रयोग किए जाने वाले प्रोग्राम (Most frequently used Program):

स्टार्ट मेन्यु के  बायें Panel का मध्य भाग, ज्यादा प्रयोग किए जाने वाले प्रोग्राम की सूची को निरन्तर बदलता और दर्शाता है। इनमें से किसी को भी खोलने के लिए इस मेन्यु में इसकी Entry पर click करो ।

3. पिनड वस्तु सूची (Pinned item List) :

स्टार्ट मेन्यु के बायें Panel का ऊपरी भाग Pinned item list कहलाता है और यह एप्लीकेशन की स्थायी सूची जैसे इंटरनेट एक्सप्लोरर, आउटलुक एक्सप्रेस आदि को दर्शाता है।

4. फोल्डर क्षेत्र (Folder area):

स्टार्ट मेन्यु के दाये Panel का सबसे ऊपरी हिस्सा फोल्डर क्षेत्र कहलाता है। फोल्डर क्षेत्र का प्रयोग करके आप माई कम्प्यूटर (My Computer), माई डॉक्यूमेंट (My Document), माई पिक्चर (My Picture) आदि को access कर सकते है।

5. हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर क्षेत्र (Hardware and Software Area):

स्टार्ट मेन्यु के दाये Panel का मध्य भाग हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर क्षेत्र कहलाता है। यह क्षेत्र (area) कम्प्यूटर से जुड़े हुए विभिन्न हार्डवेयर के बारे में सूचना प्राप्त करने में प्रयोग होता है।
कन्ट्रोल पेनल (Control Panel) विकल्प का प्रयोग करके आप कम्प्यूटर से जुड़े हुए विभिन्न उपकरण की सैटिंग को बदल सकते हैं।

6.सहायता और Support क्षेत्र (Help and Support Area):

इस क्षेत्र (Area) के तीन विकल्प है:
(a) Help and Support Help and Support विकल्प यूजर के लिए संपूर्ण ऑन लाईन सहायता देता है।
(b) सर्च (Search): यह विकल्प आपको किसी फाईल विशेष या फाईल के समूह को जो कम्प्यूटर की Secondary Storage में संग्रहित (Stored) खोजने (Search) में सहायता करता है।
(c) चलाना (Run) यह विकल्प हमे किसी विशेष एप्लीकेशन को उसकी associated executable file से चलाने में सहायता करता है।
यह विकल्प एक फोल्डर को MS DOS Command के द्वारा खोलने में भी प्रयोग होता है।

7. Log off :

Log off हमे प्रोग्राम को बन्द करने या प्रोग्राम को चलता (Running) छोड़ देने के लिए विकल्प प्रदान करता है।
यह आपको किसी दूसरे Username और पासवर्ड के साथ Login करने में भी सहायक होता है।

8. Turn off Computer

यह विकल्प एक डायलॉग बाक्स दर्शाता है जो कम्प्यूटर को बन्द करने (Turm-off), Restart, या standby रखने में प्रयोग होता है।

 टास्कबार (Taskbar )

टास्कबार, विंडोज डेस्कटॉप के सबसे नीचे (bottom) स्थित (located) होती है। यह मल्टीविंग वातावरण (Multitasking Environment) व्यवस्थित करने में मदद करता है। इसमें निम्नलिखित सूचनाएं होती है।
1. स्टार्ट बटन
2. दायी तरफ घड़ी (Clock) होती है।
3. टास्कबार एक सूचना कॉपी (Information Pad) होती है जो विंडोज के अन्दर चल रही एप्लीकेशन को ऑन लाईन व्यू देता है।
4.इसमें एक Notification area भी सम्मिलित होता है जहां आप sound system की आवाज सेट कर सकते हो और प्रिंटर के स्तर (Printer Status) को बैक कर सकते हो।

  विंडोज और इसके प्रकार (Window and its types)

साधारणतया विंडोज एक एप्लीकेशन या डायलॉग बॉक्स से संबंधित आयातकार क्षेत्र (Rectangular area) है। विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम में प्रत्येक एप्लीकेशन की अपनी एक विंडो है।
उदाहरण के तौर पर अगर आप माई कम्प्यूटर (My Computer), पेन्ट (Paint) या कन्ट्रोल पेनल (Control Panel) खोलते है।
इनमें से प्रत्येक एक अलग विंडोज में खुलती है। एक समय में विभिन्न विंडोज खुल सकती है लेकिन केवल एक ही विंडो Active होगी।
विंडोज दो प्रकार की होती है।
1.एप्लीकेशन विंडो
2.डायलॉग बाक्स
टिप्पणी: Active विशेज वह होती है जिसमे यूज़र काम कर रहा होता है।
साफ्टवेयर एप्लीकेशन में मुख्यत एक मुख्य विंडो होती है, जिसमे Seondary विंहो जिसे डायलॉग बाक्स कहते हैं, खुल सकती है।

1.एप्लीकेशन विडोज (Application Window):

एक एप्लीकेशन विंडो आयातकार क्षेत्र (Rectangular area) होती है जिसमे एक एप्लीकेशन होती है। उदाहरणतया जब हम माई कम्प्यूटर (My Computer) पर डबल click करते हैं।
तो यह एप्लीकेशन विंडो खुलती है। Multiple Window खुली हो सकती है, लेकिन जो विंडो Currently यूजर की इनपुट प्राप्त (Receiving) कर रही होती है उसे Active Window कहते है।

2.डायलॉग विंडो (Dialog Window)

डायलॉग विंडो के माध्यम से यूजर से कोई विशेष इनपुट ली जाती है। उदाहरणतया कम्प्यूटर की डेस्कटॉप प्रोपर्टी को सेट करने के लिए एक डायलॉग बाक्स का प्रयोग किया जाता है। जैसा कि चित्र  में दर्शाया गया है।

 विंडोज के आधारभूत तत्व [Basis Components of Windows]

एक एप्लीकेशन विंडो के तत्व है :

1.टाईटल बार (Title Bar)

यह बार आपकी विंडो के Top पर होती है। जिस पर विंडो का नाम लिखा होता है। उदाहरणतया पेन्ट विंडो में आप Top पर एक बार देखते हो जिस पर Untitled Paint लिखा होता है।
आपके द्वारा किया गया कोई भी काम यईटल बार में उसी नाम से देखा जा सकता है।

2.मेन्यू बार (Menu Bar)

यह एक बार है जिसमें प्रोगाम निर्देशों (Command)
का नाम होता है। यह टाईटल बार से नीचे दिखाई देती
है।

3.स्क्रोल बार (Scroll Bar):

कई बार किया गया संपूर्ण कार्य स्क्रीन की सीमा (Limit) से ज्यादा हो जाता है, उस सारे कार्य को देखने के लिए कुछ adjustments की जरूरत होती है।
स्क्रोल बार विंडो स्क्रीन को Move और स्क्रोल करके उस सारे विषय को हमे देखने में सहायता करती है।
यह बार विंडो की दायी ओर और नीचे की तरफ (bottom) होती है और जब एक विंडो का विषय पूरी तरह से नहीं दिखता तब यह हमे दिखती है।

विंडो के साईज को कैसे नियंत्रित करे? (How to Control the Size of Window?)

अपनी विंडो के कोने पर आपको तीन बटन दिखाई देगे। ये बटन ही विंडो के साईज को नियंत्रित करने में प्रयोग होते है।

मिनिमाईज बटन (Minimize Button)

यह विंडो को एक icon के रूप में छोटा (shrink) करने में प्रयोग होता है, जो icon हमे टास्कबार पर दिखाई देता है। विंडो को खोलने के लिए lcon पर सरलता से दुबारा click करो ।

मैक्सीमाईज बटन (Maximize Button)

विंडो को बड़ा करने के लिए इसे click करो और आपकी विंडो पूरी स्क्रीन पर फैल जाएगी।

क्लोज बटन (Close Button)

एक चालू (Running) एप्लीकेशन को बन्द करने के लिए इसे click करो।

रिस्टोर बटन (Restore Button)

जब भी आप विंडो को मिनीमाईज (Minimize) और मैक्सीमाईज (Maximize) करते हो, मिनीमाईज (Minimize) और मैक्सीमाईज (Maximize) बटन Restore बटन में बदल जाता है। यह विंडो को उसकी पिछले साईज में वापस लाने में सहायता करता है।

5.टूलबार (Toolbar)

टूलबार विभिन्न निर्देश (command) बटनों के साथ एक लम्बबत् बार (horizontal bar) है। यह बटन सामान्य प्रयोग किए जाने वाले मेन्यू निर्देशो (command) तक पहुंचने के लिए शार्टकट (shortcut) प्रदान करते हैं।

6.कंट्रोल बाक्स (Control box) :

यह एक मेन्यु प्रदान करता है जो आपकी विंडो को restore, move, साईज (Size), minimize maximize or बन्द (close) करने में सहायक होता है।

7.विंडो बार्डर (Window Borders):

यह विंडो को डेस्कटॉप से अलग करता है। इसे बढ़ाने के लिए विंडोज बार्डर outwards को Drag करो और घटाने के लिए inward को drag करो

8.स्टेटस बार ( Status bar)

यह विंडों के नीचे की तरफ (bottom) दिखाया जाता है। यह प्रोग्राम के स्टेटस के बारे में सूचना प्रदान करता है।।

9. कार्य क्षेत्र (Work area)

यह वो क्षेत्र दिखाता है जहां पर टेक्स्ट को प्रविष्ट (entered), संपादित (edited) किया जा सकता है।

 Icons के प्रकार [Types of Icons]

आईकन (icon) चार प्रकार के होते हैं:

1.एप्लीकेशन आईकन (Application Icon)

एप्लीकेशन आइकॉन (Application Icon) एक एप्लीकेशन को प्रस्तुत करता है। विशेष एप्लीकेशन (Particular Application) को स्टार्ट करने के लिए, उस पर डबल click करो ।
उदाहरणतया Window Media Player, Paint, Pagemaker, Coreldraw etc.

2.शार्टकट आईकन (Shortcut Icon)

शार्टकट आईकन एक विशेष फाईल या एप्लीकेशन को दर्शाता है। Associated एप्लीकेशन या फाईल को स्टार्ट करने के लिए, उस पर डबल click करो।
   शार्टकट विकल्प का निर्माण करने का विकल्प है डेस्कटाप ( desktop)/ नया (New) / शार्टकट (Shortcut).

3.डॉक्यूमेंट आईकन (Document Icon)

यह आईकन सीधे तौर पर एक फाईल आपके कम्प्यूटर पर प्रस्तुत करता है। फाईल को खोलने लिए डॉक्यूमेंट आईकन पर डबल click करो।
      आप किसी भी डॉक्यूमेंट का ग्राफिकल प्रेजेन्टेशन कर सकते हो।

4.ड्राइव लेटर आईकन (Drive Letter Icon)

यह आईकन डिस्क ड्राईव (Disk Drive) को प्रेजेन्ट करता है।
उदाहरणतया Drive 3 1/2 Floppy A, Hard Disk Drive CD Drive etc.
Note:
To run an application simply double click on its icon.

विंडो को Move करना [Moving A Window]

विंडोज टाइटल बार पर पाइंट (Point) रखो और खिंडो को उसकी नयी स्थिती पर खींचो (Drag) करो।

 विंडो को Resize करना [Resizing A Window]

विंडो को Resize करने के लिए, पहले टाईटल बार पर उपलब्ध Restore बटन पर click करो।
अब माउस पॉइंटर को विंडो के नीचले दाये कोन (Lower Right Crner) पर ले जाओ और साईज घटाने या बझने के लिए पॉइंटर को अन्दर की तरह (Inwards) या बाहर की तरफ (Outwards) drag करो।
जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है, जब आप माउस को छोड़ते (release) हो तो विंडो Resize हो जाती है।

किसी विषय की सहायता ढूढना [Find The Help of a Topic]

किसी विषय की सहायता ढूढ़ने के कदम है
1. स्टार्ट बटन पर click करो।
2.Help and Support बटन पर click करो।
विंडोज Help डायलॉग बाक्स दिखाई देगा। जैसा कि चित्र  में दर्शाया गया है।
3.विंडो Help डायलॉग बाक्स में निम्नलिखित टेब में से किसी एक पर click करो

(i) सूचक प्रविष्टियाँ (Index entries)

की सूची देखने के लिए, सूचक देव (Index Tab) पर click करो और सूची के सहायता से एक अक्षर टाईप करो।
(ii) Help Topic में रखे हुए अक्षर (Word) को खोजने के लिए Search text box में click करो।
(iii)एक अक्षर (Word) या विषय (Topic) टाईप करो और Enter Key दबाओ।
(iv)विंडो खोज (Search) के परिणाम को स्क्रीन पर दिखाएगी।

कम्प्यूटर को बन्द करना [Shut Down Your Computer]

सारा दिन काम करने के बाद, आप रात को सोते हो। लेकिन सोने से पहले आप हमेशा दरवाजे बन्द करते हो ताकि आप एक शांतिपूर्ण नीद (Peaceful sleep) ले सके।
       इसलिए कोई आपके कमरे में नहीं आ सकता। इसी तरह कम्प्यूटर पर काम करने के बाद कम्प्यूटर को बन्द करना अनिवार्य है। क्रम इस प्रकार है :
1.स्टार्ट बटन पर click करो।
2. Turn off Computer पर click करो एक डायलॉग बाक्स दिखाई देगा। जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है।
3.Turn off विकल्प पर click करो।
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श्रेणी: Computer

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